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108 उपनिषद – नाम, वेद और सार (Complete List)

108 उपनिषद – नाम, वेद और सार (Complete List)

108 उपनिषद – नाम, वेद और सार

उपनिषद हिंदू धर्म और वेदों के अद्भुत ज्ञान का स्रोत हैं। ये आत्मा, ब्रह्म, योग, भक्ति, साधना और मोक्ष के रहस्यों को स्पष्ट करते हैं। कुल मिलाकर शास्त्रों में 108 उपनिषद प्रमुख माने जाते हैं, जिन्हें Muktika Upanishad में सूचीबद्ध किया गया है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम सभी 108 उपनिषदों को उनके वेद और सार (subtitle/meaning) के साथ प्रस्तुत कर रहे हैं।

उपनिषदों की सूची

# उपनिषद का नाम वेद सार / विषय (Subtitle)
1Ishaयजुर्वेदईश्वर का सर्वव्यापक स्वरूप और त्याग
2Kenaसामवेदज्ञान का स्रोत और चेतना
3Kathaयजुर्वेदमृत्यु और मोक्ष का ज्ञान
4Prashnaअथर्ववेदप्रश्नों के माध्यम से ब्रह्मज्ञान
5Mundakaऋग्वेदज्ञान और कर्म का विभाजन
6Mandukyaअथर्ववेदॐ और चेतना की चार अवस्थाएँ
7Taittiriyaयजुर्वेदआनंद, शिक्षा और आत्मा का विज्ञान
8Aitareyaऋग्वेदउत्पत्ति और चेतना का अध्ययन
9Chandogyaसामवेदब्रह्म, ध्वनि (Om) और साधना
10Brihadaranyakaयजुर्वेदब्रह्म और आत्मा का व्यापक अध्ययन
11Shvetashvataraयजुर्वेदईश्वर और भक्तिकथा
12Maitrayaniyaयजुर्वेदज्ञान, कर्म और मोक्ष का मार्ग
13Kaushitakiऋग्वेदआत्मा, जीवन चक्र और मृत्यु
14Aruniसामवेदब्रह्म और ध्यान
15Atmabodhaयजुर्वेदआत्मा का ज्ञान और चेतना
16Yogaअथर्ववेदयोग, ध्यान और समाधि
17Kundaliniयजुर्वेदकुंडलिनी जागरण और ऊर्जा साधना
18Sannyasaयजुर्वेदसंन्यास और मोक्ष मार्ग
19Garbhaयजुर्वेद/अथर्ववेदगर्भ, जीवन और चेतना
20Nadabinduअथर्ववेदनाद और ध्यान साधना
21Kaivalyaअथर्ववेदमोक्ष और आत्मज्ञान
22Atmalingaयजुर्वेदआत्मा और ईश्वर का एकत्व
23Parabrahmaअथर्ववेदपरम ब्रह्म और उसके लक्षण
24Sitaयजुर्वेदस्त्री शक्ति और आध्यात्मिक शक्ति
25Tripuraअथर्ववेदत्रिपुरा साधना और ऊर्जा जागरण
26Mahanarayanaयजुर्वेदनारायण और ब्रह्म पूजन
27Yoga Tattvaयजुर्वेदयोग और तत्वज्ञान
28Brahmaअथर्ववेदब्रह्म और सृष्टि का विज्ञान
29Akshiयजुर्वेददृष्टि, ध्यान और ज्ञान साधना
30Sikshaसामवेदशिक्षा, उच्चारण और मंत्र विज्ञान
31Subalaसामवेदमंत्र, साधना और ध्यान
32Dakshinamurtiयजुर्वेदगुरु रूप में ईश्वर और ज्ञान
33Rudraयजुर्वेदरुद्र, प्रलय और भक्तिकथा
34Atharvashiraअथर्ववेदईश्वर, शांति और भक्ति
35Atharvashikhaअथर्ववेदमंत्र, साधना और ध्यान
36Amritabinduअथर्ववेदअमृत और ध्यान साधना
37Yoga Kundaliniयजुर्वेदकुंडलिनी योग और समाधि
38Hamsaअथर्ववेदआत्मा और मोक्ष का अध्ययन
39Mandalaसामवेदध्यान और साधना के मार्ग
40Ramaयजुर्वेदराम और भक्ति की कथाएँ
41Satyakamaयजुर्वेदसत्य, ज्ञान और साधना
42Varahaअथर्ववेदसृष्टि और जीवन चक्र
43Vishnuयजुर्वेदविष्णु और ब्रह्म का ज्ञान
44Lakshmiयजुर्वेदधन, समृद्धि और साधना
45Naradaयजुर्वेदभक्ति, ज्ञान और योग
46Deviअथर्ववेददेवी शक्ति और साधना
47Tripuratapiniयजुर्वेदत्रिपुरा साधना और ध्यान
48Bhavanaयजुर्वेदसाधना, भक्ति और मानसिक शुद्धि
49Shaktiयजुर्वेदशक्ति जागरण और आत्म-ज्ञान
50Raja Yogaअथर्ववेदराजा योग, ध्यान और समाधि
51-108अन्य उपनिषद (Ganapati, Varuna, Savitri, Pranagnihotra, Sarvasara, Yoga Yajnavalkya, Kaivalya Purna आदि)ऋग्वेद/यजुर्वेद/सामवेद/अथर्ववेदयोग, भक्ति, तंत्र, मंत्र, साधना और मोक्ष के विविध विषय

उपनिषदों का महत्व

  • उपनिषद ज्ञान और मोक्ष का स्रोत हैं।
  • ये आत्मा और ब्रह्म की प्रकृति समझाते हैं।
  • ध्यान, योग और साधना के मार्ग बताते हैं।
  • भक्ति और कर्म के विज्ञान को स्पष्ट करते हैं।

उपनिषदों का अध्ययन हमारे जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करता है और मोक्ष की ओर मार्गदर्शन करता है। इन 108 उपनिषदों में हर व्यक्ति अपने योग, भक्ति और साधना के अनुसार ज्ञान प्राप्त कर सकता है।

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