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तंत्रसार तीसरा आह्निक – कश्मीरी शैव दर्शन की गहन व्याख्या
अध्याय १०: अमृत का सृजन और नए यूनिवर्सल मानव का प्रादुर्भाव (Creation of Amrit & Birth of the New Universal Human